इटावाइतवाउत्तर प्रदेशगोंडागोरखपुरप्रयागराजबरेलीबस्तीबहराइचबाराबंकीलखनऊसिद्धार्थनगर 

“बस्ती में मसाज की आड़ में ‘मंडी’ बनता जिस्मफरोशी का धंधा: खाकी की चुप्पी पर उठते गंभीर सवाल!”

"स्पा सेंटरों के 'गंदे खेल' से शर्मसार होती बस्ती; क्या साहब की नाक के नीचे चल रहा है वसूली का खेल?"

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती में ‘स्पा’ की आड़ में जिस्मफरोशी का जाल: क्या प्रशासन गहरी नींद में है?

रविवार 18 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।

बस्ती।। ताजी हवा और विकास की ओर बढ़ते बस्ती शहर के मोहल्लों में अब अनैतिकता की दुर्गंध आने लगी है। शहर के पॉश इलाकों से लेकर भीड़भाड़ वाली गलियों तक में कुकुरमुत्तों की तरह खुले ‘स्पा और मसाज सेंटर’ दरअसल मसाज के नाम पर देह व्यापार का अड्डा बन चुके हैं। यह केवल एक व्यापार नहीं, बल्कि बस्ती की युवा पीढ़ी के भविष्य पर मंडराता हुआ एक काला साया है।

​पर्दे के पीछे का काला सच

​देखने में ये सेंटर सामान्य स्वास्थ्य और सौंदर्य केंद्र लगते हैं, लेकिन इनके भीतर का सच रूह कंपा देने वाला है। सूत्रों की मानें तो इन सेंटरों में बाहरी शहरों से लड़कियों को लाया जा रहा है, जिनका स्रोत और पहचान पूरी तरह संदिग्ध है। यह न केवल अनैतिक है, बल्कि सीधे तौर पर मानव तस्करी (Human Trafficking) की ओर इशारा करता है। शहर के गांधी नगर, मालवीय रोड, और न्याय मार्ग जैसे क्षेत्रों में ये गतिविधियां अब आम चर्चा का विषय बन चुकी हैं।

​पुलिस की चुप्पी और ‘महीने’ का खेल?

​सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर उठता है। शहर के बीचों-बीच चल रहे इन अड्डों की जानकारी क्या बीट प्रभारियों और पुलिस चौकियों को नहीं है? जनता में यह चर्चा आम है कि इन सेंटरों से होने वाली मोटी कमाई का एक हिस्सा नीचे से ऊपर तक पहुंचता है। यही कारण है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस की छापेमारी केवल ‘दिखावे’ तक सीमित रहती है। क्या प्रशासन किसी बड़े कांड का इंतजार कर रहा है?

​समाज पर प्रहार

​बस्ती जैसे मर्यादित और पारंपरिक शहर में इस तरह के ‘गंदे धंधे’ का फैलना सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रहा है।

  • युवाओं पर खतरा: कॉलेज जाने वाले छात्र इन केंद्रों के जाल में फंसकर अपना चरित्र और भविष्य दोनों बर्बाद कर रहे हैं।
  • अपराध को बढ़ावा: जहां अनैतिक व्यापार होगा, वहां नशा और मारपीट जैसी घटनाएं भी बढ़ेंगी।
  • पारिवारिक असुरक्षा: मोहल्लों में इन सेंटरों के खुलने से आम नागरिकों और महिलाओं का घरों से निकलना दूभर हो गया है।

​मुख्यमंत्री जी, अब आपकी बारी है

​प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के लिए जाने जाते हैं। लेकिन बस्ती के स्थानीय जिम्मेदार विभागों की सुस्ती उनकी इस छवि को धूमिल कर रही है। अब समय आ गया है कि जिला प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे और इन संदिग्ध स्पा सेंटरों की उच्चस्तरीय जांच कराकर उन्हें तत्काल सील करे।

​अगर समय रहते इन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो बस्ती की मर्यादा और युवाओं का भविष्य दोनों इस दलदल में समा जाएंगे। अब कार्रवाई का समय है, कोरी आश्वासनों का नहीं।

Back to top button
error: Content is protected !!